Types of Loans
Types of Loans : सच कहें तो आज के समय में लोन लेना कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। घर चाहिए, पढ़ाई करनी है, बिज़नेस बढ़ाना है या अचानक कोई मजबूरी आ गई — तो सबसे पहले दिमाग में एक ही बात आती है: “लोन ले लेते हैं।” लेकिन दिक्कत लोन लेने में नहीं, गलत लोन चुनने में होती है। बहुत से लोग बिना पूरी जानकारी के लोन ले लेते हैं और बाद में EMI का बोझ उन्हें मानसिक तनाव दे देता है। इसीलिए यह पोस्ट किसी किताब जैसी नहीं, बल्कि एक अनुभवी इंसान की सलाह की तरह लिखी गई है — ताकि आप समझ सकें कि कौन-सा लोन कब लेना सही रहता है।
लोन असल में होता क्या है?
लोन का मतलब है — आज पैसे मिल जाते हैं, लेकिन उन्हें कल ब्याज के साथ लौटाने का वादा करना पड़ता है।
हर लोन तीन चीज़ों पर टिका होता है:
- आप कितना पैसा ले रहे हैं
- उस पर कितना ब्याज लगेगा
- कितने समय में आपको चुकाना है
अगर इन तीनों में संतुलन नहीं बैठा, तो लोन मदद की जगह परेशानी बन जाता है।
1. होम लोन – सबसे भारी लेकिन सबसे सस्ता
घर ज़िंदगी की सबसे बड़ी ज़रूरत और सबसे बड़ा सपना होता है।
इसी सपने को पूरा करने के लिए होम लोन लिया जाता है।
कब सही रहता है?
जब आपकी नौकरी या इनकम स्थिर हो और आप लंबे समय तक EMI भर सकते हों।
अच्छी बातें
- ब्याज दर बाकी लोन से कम होती है
- EMI लंबी अवधि में बँट जाती है
- टैक्स में भी फायदा मिलता है
कमज़ोर पक्ष
- 20–30 साल की जिम्मेदारी
- नौकरी या इनकम में दिक्कत आई तो तनाव बढ़ता है
अगर EMI आपकी सैलरी के आधे के करीब पहुँच रही है, तो घर छोटा देखिए, EMI बड़ी मत कीजिए।
2. पर्सनल लोन – आसान लेकिन महँगा
पर्सनल लोन वही होता है जो बिना किसी गारंटी के मिल जाता है। इसीलिए यह जल्दी मिलता है, लेकिन ब्याज भी ज़्यादा लेता है।
कहाँ काम आता है?
- मेडिकल इमरजेंसी
- शादी या जरूरी घरेलू खर्च
- अचानक आई मजबूरी
फायदे
- किसी चीज़ को गिरवी नहीं रखना
- अप्रूवल जल्दी
नुकसान
- ब्याज दर ज़्यादा
- EMI भारी लग सकती है
पर्सनल लोन आदत मत बनाइए। इसे “आख़िरी विकल्प” की तरह रखें।
3. एजुकेशन लोन – भविष्य पर भरोसा
पढ़ाई के लिए लिया गया लोन खर्च नहीं, निवेश होता है — अगर सही कोर्स चुना हो।
क्यों सही माना जाता है?
- पढ़ाई पूरी होने के बाद EMI शुरू होती है
- ब्याज दर पर्सनल लोन से कम
- करियर में ग्रोथ का मौका
जो ध्यान रखना चाहिए
- कोर्स और कॉलेज की वैल्यू
- नौकरी मिलने की संभावना
अगर पढ़ाई से कमाई बढ़ने की उम्मीद नहीं है, तो एजुकेशन लोन भी बोझ बन सकता है।
4. बिज़नेस लोन – सोच समझकर उठाया गया जोखिम
बिज़नेस बढ़ाने के लिए पैसा चाहिए, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन बिज़नेस लोन लेने से पहले नंबरों की भाषा समझना ज़रूरी है।
किसलिए लिया जाता है?
- नया काम शुरू करने
- मशीन या माल खरीदने
- कैश फ्लो संभालने
अच्छी बात
- बिज़नेस को रफ्तार मिलती है
खतरा
- कमाई न हुई तो EMI जेब काटती है
सलाह: बिज़नेस लोन लेने से पहले खुद से पूछिए — “अगर 6 महीने मुनाफ़ा न हुआ तो EMI कहाँ से दूँगा?”
5. व्हीकल लोन – ज़रूरत हो तो ठीक
गाड़ी सुविधा है, लेकिन हमेशा ज़रूरत नहीं।
फायदा
- ब्याज दर मध्यम
- EMI मैनेज करने लायक
नुकसान
- गाड़ी की कीमत हर साल घटती है
- लोन खत्म होने से पहले वैल्यू कम हो जाती है
सुझाव: सिर्फ दिखावे के लिए महंगी गाड़ी लोन पर मत लीजिए।
6. गोल्ड लोन – छोटा समय, आसान हल
अगर घर में सोना है और थोड़े समय के लिए पैसे चाहिए, तो गोल्ड लोन समझदारी हो सकता है।
फायदे
- जल्दी पैसा
- ब्याज कम
जोखिम
- समय पर न चुकाया तो सोना जा सकता है
सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन – फर्क समझिए
सरल भाषा में:
- सिक्योर्ड लोन = गारंटी के बदले सस्ता ब्याज
- अनसिक्योर्ड लोन = बिना गारंटी, लेकिन महँगा
यह भी देखें: Mudra Loan Online Apply : मुद्रा लोन Online Apply कैसे करें? जाने पूरी प्रक्रिया
लेते समय लोग कहाँ गलती करते हैं
- EMI देखकर खुश हो जाना
- छोटे अक्षरों में लिखी शर्तें न पढ़ना
- ज़रूरत से ज़्यादा रकम उठा लेना
निष्कर्ष – लोन आपका दोस्त भी हो सकता है, दुश्मन भी
लोन बुरा नहीं है। लेकिन बिना सोचे लिया गया लोन शांति छीन लेता है।
अगर लोन:
- ज़रूरत के लिए है
- आपकी आय के हिसाब से है
- और आपने शर्तें समझ ली हैं
तो वह आपकी मदद करेगा, परेशानी नहीं बनेगा।
FAQs – सीधे और सच्चे जवाब
Q1. सबसे कम ब्याज वाला लोन कौन-सा है?
आमतौर पर होम लोन और गोल्ड लोन।
Q2. पर्सनल लोन लेना कब गलत है?
जब खर्च टाला जा सकता हो।
Q3. EMI कितनी होनी चाहिए?
इतनी कि ज़िंदगी चलती रहे, सिर्फ EMI न चले।
Q4. CIBIL स्कोर क्यों जरूरी है?
अच्छा स्कोर = कम ब्याज।
Q5. एक साथ दो लोन ले सकते हैं?
ले सकते हैं, लेकिन संभाल पाना ज़रूरी है।
Q6. समय से पहले लोन चुकाना सही है?
हाँ, अगर पेनल्टी न हो।
Q7. एजुकेशन लोन रिस्की है?
गलत कोर्स चुना तो हाँ।
Q8. बिज़नेस लोन सबको मिल जाता है?
नहीं, प्लान और कमाई देखी जाती है।
Q9. लोन रिजेक्ट क्यों होता है?
कम इनकम, खराब रिकॉर्ड, ज़्यादा EMI।
Q10. सबसे ज़रूरी सलाह क्या है?
लोन लेने से पहले खुद से ईमानदारी।