EMI Planning
EMI Planning: Loan लेते समय ज़्यादातर लोग एक ही लाइन बोलते हैं — “EMI तो manage हो जाएगी।” यहीं से समस्या शुरू होती है। EMI कोई सिर्फ़ महीने की किस्त नहीं होती, यह आपकी नींद, planning और आने वाले सालों का फैसला होती है। यह पोस्ट EMI calculator समझाने के लिए नहीं है। यह उस सोच के लिए है जो लोग EMI भरते-भरते धीरे-धीरे सीखते हैं — काश, पहले समझ लिया होता।
1. सबसे पहले साफ समझिए: EMI का असली मतलब
EMI का मतलब सिर्फ यह नहीं कि हर महीने बैंक को पैसा देना है।
EMI का असली मतलब है:
- आपकी salary का हिस्सा पहले से booked है
- हर महीने एक fixed pressure है
- और flexibility कम हो जाती है
EMI जितनी ज़्यादा, ज़िंदगी उतनी tight।
2. सबसे बड़ी गलती: EMI को salary से compare करना
लोग EMI तय करते समय सोचते हैं: “Salary 50,000 है, EMI 20,000 चल जाएगी।” यह सबसे खतरनाक सोच है।
सही सवाल यह नहीं है:
- salary कितनी है
सही सवाल यह है:
- salary में से खर्च निकालकर कितना बचता है
अगर खर्च के बाद 30,000 बचते हैं और EMI 20,000 है, तो आप पहले ही risk zone में हैं।
3. Safe EMI ratio क्या होता है (ज़मीन की सच्चाई)
काग़ज़ों में कहा जाता है:
- EMI = salary का 40–50%
लेकिन real life में:
- 25–30% से ऊपर EMI दिक्कत पैदा करने लगती है
क्योंकि:
- खर्च अचानक बढ़ते हैं
- income हमेशा स्थिर नहीं रहती
Safe EMI वही है जिससे आपकी बचत बंद न हो।
4. EMI तय करते समय लोग future को क्यों भूल जाते हैं
EMI आज के हिसाब से तय होती है, लेकिन चलती future में है।
लोग यह नहीं सोचते:
- शादी होगी
- बच्चा होगा
- parents की medical जरूरत आएगी
EMI अगर आज ही heavy है, तो future में वह दम घोंट देती है।
5. Tenure बढ़ाकर EMI कम करना आधी सच्चाई है
EMI कम करनी हो तो बैंक कहता है: “Tenure बढ़ा लीजिए।” EMI कम हो जाती है,
लेकिन:
- total interest बहुत बढ़ जाता है
20 साल vs 25 साल का loan काग़ज़ पर छोटा फर्क लगता है, लेकिन लाखों का अंतर ला देता है। EMI कम करें,
लेकिन tenure आँख बंद करके न बढ़ाएँ।
6. Multiple EMIs सबसे खतरनाक stage होती है
एक EMI manageable होती है।
लेकिन:
- Home Loan
- Personal Loan
- Credit Card EMI
जब ये तीनों साथ चलते हैं, तो salary सिर्फ pass-through बन जाती है।
Rule simple है:
एक EMI ठीक है, दो EMI warning हैं, तीन EMI खतरा हैं।
7. EMI तय करते समय emergency fund क्यों ज़रूरी है
EMI तब सबसे ज़्यादा चुभती है जब emergency आ जाए।
अगर:
- job चली जाए
- salary delay हो
- medical खर्च आ जाए
और आपके पास:
- 6 महीने का emergency fund नहीं है
तो EMI बोझ बन जाती है। Loan से पहले saving जरूरी है, loan के बाद नहीं।
8. Floating EMI और बढ़ती किस्तों का सच
कई लोग कहते हैं: “EMI तो fixed है।”
असल में:
- floating rate loan में EMI या tenure बदल सकता है
Interest बढ़ा:
- या EMI बढ़ेगी
- या tenure बढ़ेगा
EMI तय करते समय इस risk को margin में रखिए।
9. EMI तय करने से पहले खुद से पूछे जाने वाले सवाल
Loan sign करने से पहले खुद से ये सवाल पूछिए:
- अगर income 20% कम हो जाए तो?
- अगर 3 महीने salary न आए तो?
- क्या EMI के बाद भी saving रहेगी?
- क्या मैं इस EMI के साथ सुकून से रह पाऊँगा?
अगर जवाब डर पैदा करता है, तो EMI ज़्यादा है।
10. Ideal EMI कैसी होनी चाहिए
Ideal EMI वह होती है:
- जिसे आप बिना गिनती किए भर सकें
- जो आपकी lifestyle न बिगाड़े
- और saving बंद न करे
EMI ऐसी हो कि महीने के बीच में panic न आए।
11. EMI कम करने के practical तरीके
अगर EMI heavy लग रही है तो:
- tenure थोड़ा adjust करें
- down payment बढ़ाएँ
- extra income आए तो part-payment करें
- unnecessary loans बंद करें
EMI problem का solution अक्सर loan लेने से पहले होता है, बाद में नहीं।
12. एक सीधी बात, बिना डराए
EMI कोई मजबूरी नहीं है, यह एक choice है।
आप:
- कम loan ले सकते हैं
- छोटा घर चुन सकते हैं
- थोड़ी देर रुक सकते हैं
लेकिन:
- heavy EMI लेकर ज़िंदगी को दबाव में नहीं डालना चाहिए।
यह भी देखें: Home Loan Guide : Home Loan लेने से पहले क्या-क्या जाँचना ज़रूरी है? एक गलती भारी पड़ सकती है, जाने कैसे
निष्कर्ष
EMI सही तय हो तो loan मदद बनता है। EMI ज़्यादा हुई तो वही loan ज़िंदगी की सबसे बड़ी tension बन जाता है।
अगर आप:
- खर्च समझकर EMI तय करें
- future को ध्यान में रखें
- और saving को priority दें
तो EMI आपको control नहीं करेगी, आप EMI को control करेंगे।
FAQs
1. EMI salary का कितना हिस्सा होनी चाहिए?
Real life में 25–30% सुरक्षित मानी जाती है।
2. Tenure बढ़ाना सही है या नहीं?
EMI कम करने के लिए ठीक है, लेकिन interest बढ़ाता है।
3. Multiple EMI क्यों खतरनाक होती है?
क्योंकि flexibility खत्म हो जाती है।
4. EMI तय करते समय सबसे बड़ी गलती क्या है?
Future खर्चों को ignore करना।
5. EMI कभी भी बढ़ सकती है?
Floating loan में हाँ।