Secured vs Unsecured Loan
Secured vs Unsecured Loan : जब भी कोई बैंक या फाइनेंस कंपनी लोन की बात करती है, तो दो शब्द ज़रूर सुनने को मिलते हैं — सिक्योर्ड लोन और अनसिक्योर्ड लोन। ज़्यादातर लोग यहीं कन्फ्यूज़ हो जाते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि “जो जल्दी मिल जाए वही सही”, तो कुछ लोग सिर्फ कम EMI देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि गलत तरह का लोन, चाहे वो सस्ता हो या महँगा, आपकी ज़िंदगी को कई साल पीछे खींच सकता है। इस पोस्ट में हम कोई बैंक वाली भाषा नहीं बोलेंगे। यहाँ बात होगी सीधे, साफ और इंसानी अंदाज़ में — ताकि आपको सच में समझ आए कि सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन में असली फर्क क्या है और कौन-सा लोन आपके लिए सही रहेगा।
सबसे पहले समझिए: लोन देने वाले को डर क्यों लगता है?
कोई भी बैंक या NBFC आपको अपना पैसा देता है। उन्हें एक ही चिंता होती है — “अगर यह आदमी पैसे वापस न करे तो?”यहीं से सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का फर्क शुरू होता है।
सिक्योर्ड लोन क्या होता है? (Secured Loan – भरोसे के बदले पैसा)
सिक्योर्ड लोन वह लोन होता है, जिसमें आप बैंक को कुछ गिरवी (Collateral) रखते हैं। यानी अगर आप पैसे नहीं चुकाएंगे, तो बैंक उस चीज़ से अपना पैसा निकाल सकता है।
आम उदाहरण
- होम लोन (घर गिरवी)
- गोल्ड लोन (सोना गिरवी)
- व्हीकल लोन (गाड़ी गिरवी)
- प्रॉपर्टी के बदले लोन
सिक्योर्ड लोन बैंक को क्यों पसंद आता है?
क्योंकि इसमें बैंक का रिस्क कम होता है।
अगर आप EMI नहीं देंगे, तो बैंक के पास एक “सेफ्टी बटन” होता है।
यही वजह है कि सिक्योर्ड लोन सस्ता होता है।
सिक्योर्ड लोन के फायदे (ज़मीन से जुड़ी सच्चाई)
- ब्याज दर कम होती है
- लोन अमाउंट बड़ा मिल सकता है
- EMI मैनेज करने लायक रहती है
- लंबी अवधि मिल जाती है
सीधी भाषा में कहें तो — अगर आपके पास गिरवी रखने के लिए कुछ है, तो बैंक आपको बेहतर शर्तों पर लोन देगा।
लेकिन सिक्योर्ड लोन का डरावना पहलू
यह बात कोई खुलकर नहीं बताता —
अगर आप लगातार EMI नहीं भर पाए:
- घर, गाड़ी या सोना जा सकता है
- कानूनी नोटिस आ सकता है
- मानसिक तनाव अलग
यह लोन सस्ता है, लेकिन जिम्मेदारी बहुत बड़ी है।
अनसिक्योर्ड लोन क्या होता है? (Unsecured Loan – भरोसे पर दिया गया पैसा)
अनसिक्योर्ड लोन में आप बैंक को कुछ भी गिरवी नहीं रखते।
बैंक सिर्फ आपकी:
- सैलरी
- नौकरी
- CIBIL स्कोर
- पिछले रिकॉर्ड
को देखकर फैसला करता है।
आम उदाहरण
- पर्सनल लोन
- क्रेडिट कार्ड लोन
- इंस्टेंट ऐप लोन
अनसिक्योर्ड लोन महँगा क्यों होता है?
क्योंकि इसमें बैंक का रिस्क ज्यादा होता है। अगर आपने पैसे नहीं चुकाए, तो बैंक के पास सीधे बेचने लायक कोई चीज़ नहीं होती।
इसलिए:
- ब्याज ज़्यादा
- अवधि छोटी
- EMI भारी
अनसिक्योर्ड लोन के फायदे
- जल्दी अप्रूवल
- कोई गारंटी नहीं
- डॉक्यूमेंट कम
इमरजेंसी में यह लोन जान बचाने वाला साबित हो सकता है।
लेकिन असली खतरा यहीं छुपा है
अनसिक्योर्ड लोन लेने वाले ज़्यादातर लोग:
- EMI को हल्के में ले लेते हैं
- ब्याज का असर बाद में समझ आता है
- एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन लेते हैं
यहीं से कर्ज़ का जाल शुरू होता है।
Secured vs Unsecured Loan: असली फर्क
सिक्योर्ड लोन
- ब्याज कम
- जिम्मेदारी ज़्यादा
- लंबी प्लानिंग के लिए सही
- घर/संपत्ति वालों के लिए बेहतर
अनसिक्योर्ड लोन
- ब्याज ज़्यादा
- सुविधा ज़्यादा
- इमरजेंसी के लिए ठीक
- आदत बन गई तो खतरा
Secured vs Unsecured Loan : कौन-सा लोन कब लेना सही है? (यहीं लोग गलती करते हैं)
सिक्योर्ड लोन तब सही है जब:
- लोन बड़ी रकम का हो
- अवधि लंबी हो
- आपकी इनकम स्थिर हो
- EMI आराम से निकल सकती हो
उदाहरण: घर खरीदना, प्रॉपर्टी पर निवेश, बिज़नेस विस्तार
अनसिक्योर्ड लोन तब सही है जब:
- अचानक ज़रूरत हो
- रकम सीमित हो
- जल्दी चुकाने का प्लान हो
उदाहरण: मेडिकल इमरजेंसी, जरूरी घरेलू खर्च
यह भी देखें: Types of Loans : हर जरूरत का लोन अलग होता है, एक गलती भारी पड़ सकती है
एक कड़वी सच्चाई (जो बहुत कम लोग बताते हैं)
अगर आपकी EMI आपकी सैलरी का:
- 40% से ऊपर जा रही है
- और आप अनसिक्योर्ड लोन ले रहे हैं
तो आप फाइनेंशियल प्रेशर में खुद को धकेल रहे हैं।
लोग सबसे बड़ी गलती कहाँ करते हैं?
- EMI देखकर खुश हो जाना
- ब्याज और कुल रकम का हिसाब न लगाना
- “सब ले रहे हैं” सोचकर लोन लेना
- जरूरत और चाहत में फर्क न करना
निष्कर्ष: सस्ता या आसान नहीं, सही लोन चुनिए
लोन वही अच्छा होता है:
- जो आपकी नींद न छीने
- जो आपकी जिंदगी को आगे बढ़ाए
- और जो आपकी जेब से बाहर न जाए
सिक्योर्ड लोन = सोच-समझकर लिया गया लंबा फैसला
अनसिक्योर्ड लोन = ज़रूरत में लिया गया छोटा सहारा
गलत हाथों में दोनों ही खतरनाक हैं।
यह भी देखें: Mudra Loan Online Apply : मुद्रा लोन Online Apply कैसे करें? जाने पूरी प्रक्रिया
FAQs
Q1. सिक्योर्ड लोन ज्यादा सुरक्षित किसके लिए है?
जिनकी इनकम स्थिर है और लंबी प्लानिंग कर रहे हैं।
Q2. अनसिक्योर्ड लोन लेना कब गलत है?
जब खर्च टाला जा सकता हो।
Q3. कौन-सा लोन जल्दी अप्रूव होता है?
अनसिक्योर्ड लोन।
Q4. ब्याज सबसे कम किसमें होता है?
सिक्योर्ड लोन में।
Q5. EMI कितनी होनी चाहिए?
इतनी कि जिंदगी भी चलती रहे।
Q6. क्या गिरवी रखी चीज़ जा सकती है?
हाँ, अगर EMI लगातार नहीं भरी।
Q7. CIBIL स्कोर किसमें ज्यादा मायने रखता है?
अनसिक्योर्ड लोन में।
Q8. क्या दोनों लोन एक साथ लिए जा सकते हैं?
हाँ, लेकिन संभाल पाना जरूरी है।
Q9. अनसिक्योर्ड लोन क्यों फँसाता है?
क्योंकि शुरुआत आसान लगती है।
Q10. सबसे ज़रूरी सलाह क्या है?
लोन लेने से पहले खुद से ईमानदार रहिए।