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Credit Card : क्यों क्रेडिट कार्ड के लिए पीछे पड़े रहते हैं बैंक? जानिए इससे उनकी कमाई कैसे होती है

Published vikram on: December 25, 2025
Credit Card
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Credit Card

Credit Card : अगर आप मॉल, शॉपिंग सेंटर या किसी बड़े स्टोर में गए हों, तो आपने यह ज़रूर देखा होगा कि कोई न कोई आपको क्रेडिट कार्ड के लिए अप्रोच 

करता है

इसके अलावा:

  • फोन पर कॉल आती है
  • मैसेज और ई-मेल आते हैं
  • बैंक ऐप में बार-बार ऑफर दिखते हैं

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बैंक क्रेडिट कार्ड के लिए इतने पीछे क्यों पड़े रहते हैं? क्या यह सिर्फ ग्राहकों की सुविधा के लिए है, या इसके पीछे बैंक की कमाई का कोई बड़ा कारण है?

तेज़ी से बढ़ता क्रेडिट कार्ड बिजनेस

भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज़ी से बढ़ा है।

पहले जहां क्रेडिट कार्ड:

  • सीमित लोगों के पास हुआ करता था

आज:

  • नौकरीपेशा
  • युवा वर्ग
  • और पहली बार कमाने वाले लोग भी क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं

क्रेडिट कार्ड का सीधा मतलब है — आप आज खर्च कर सकते हैं और उसका भुगतान बाद में कर सकते हैं।

अक्सर:

  • 30 से 45 दिन का समय मिलता है
  • समय पर भुगतान करने पर कैशबैक और रिवॉर्ड भी मिलते हैं

यहीं से यह सिस्टम ग्राहक और बैंक — दोनों के लिए काम करना शुरू करता है।

बैंक की कमाई का असली खेल कहां से शुरू होता है?

भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की शुरुआत तक भारत में 11 करोड़ से ज़्यादा एक्टिव क्रेडिट कार्ड हैं। इतनी बड़ी संख्या अपने आप में बताती है कि क्रेडिट कार्ड अब बैंकों के लिए सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि कमाई का एक स्थायी ज़रिया बन चुका है।

1. ब्याज से होने वाली सबसे बड़ी कमाई

जब ग्राहक:

  • पूरा बिल समय पर नहीं भरता
  • या सिर्फ minimum amount भर देता है

तो बाकी रकम पर 15% से 40% तक सालाना ब्याज लग सकता है।

यही ब्याज:

  • बैंक की सबसे बड़ी कमाई में से एक है
  • और लंबे समय तक चलता रहता है

कई ग्राहक यह समझ ही नहीं पाते कि minimum payment करने से बिल खत्म नहीं होता, बल्कि आगे बढ़ता जाता है।

2. एनुअल फीस और दूसरे चार्ज

क्रेडिट कार्ड से बैंक सिर्फ ब्याज ही नहीं कमाते।

इसके अलावा कई तरह की फीस होती हैं:

  • सालाना कार्ड फीस
  • कार्ड रिन्यूअल फीस
  • लेट पेमेंट फीस
  • EMI कन्वर्ज़न फीस
  • बैलेंस ट्रांसफर फीस

अलग-अलग ग्राहकों से ये फीस अलग-अलग समय पर ली जाती हैं। एक-एक ग्राहक से रकम छोटी लगती है, लेकिन करोड़ों कार्ड होल्डर के साथ यही फीस बैंक के लिए बड़ी कमाई बन जाती है।

3. इंटरचेंज फीस से भी होती है कमाई

जब आप किसी दुकान या वेबसाइट पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो बैंक सिर्फ आपसे ही नहीं, दुकानदार से भी कमाई करता है

इस पेमेंट पर:

  • बैंक मर्चेंट से करीब 1% से 3% तक कमीशन लेता है

इसी को इंटरचेंज फीस कहा जाता है।

यानी:

  • आप खर्च करते हैं
  • दुकानदार बेचता है
  • और बीच में बैंक हर ट्रांजैक्शन से कमाता है

4. कैश एडवांस: बैंक की सबसे महंगी सर्विस

जब कोई ग्राहक:

  • क्रेडिट कार्ड से ATM से पैसे निकालता है

तो बैंक की कमाई और तेज़ हो जाती है।

इसमें:

  • निकाली गई रकम पर 2.5% से 5% तक फीस लगती है
  • उसी दिन से ब्याज भी शुरू हो जाता है
  • कोई ग्रेस पीरियड नहीं मिलता

उदाहरण के लिए: अगर आपने 10,000 रुपये निकाले और 3% फीस लगी, तो बैंक ने तुरंत 300 रुपये कमा लिए।

इसके बाद:

  • ब्याज अलग से चलता रहता है

इसी वजह से बैंक कैश एडवांस को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन इससे उन्हें सबसे ज़्यादा कमाई होती है।

5. बढ़ता खर्च, बढ़ती कमाई

जनवरी 2025 में:

  • भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च बढ़कर 1.84 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया

यह पिछले साल की तुलना में करीब 10.8% ज़्यादा है।

जितना ज़्यादा खर्च:

  • उतनी ज़्यादा इंटरचेंज फीस
  • उतने ज़्यादा चार्ज
  • और ब्याज कमाने की संभावना

इसीलिए बैंक:

  • ग्राहकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं
  • और चाहते हैं कि ग्राहक ज़्यादा से ज़्यादा खर्च करें

ग्राहक को क्या फायदा मिलता है?

यह भी सच है कि क्रेडिट कार्ड सिर्फ बैंक के लिए ही नहीं, ग्राहक के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

जैसे:

  • कैशबैक और रिवॉर्ड
  • ट्रैवल और शॉपिंग पर डिस्काउंट
  • क्रेडिट स्कोर बनाने का मौका

अगर कोई ग्राहक:

  • समय पर पूरा बिल भरता है
  • खर्च को नियंत्रण में रखता है

तो क्रेडिट कार्ड एक उपयोगी टूल बन सकता है।

यह भी देखें: Credit Card Income Explained : Credit Card से पैसे कैसे कमाएँ? जाने

लेकिन खतरा कहां है?

समस्या तब शुरू होती है जब:

  • ग्राहक सिर्फ minimum payment करता है
  • खर्च पर कंट्रोल नहीं रखता
  • या कैश एडवांस लेने लगता है

यहीं से:

  • ब्याज बढ़ता है
  • बिल भारी होता है
  • और बैंक की कमाई तेज़ हो जाती है

इसी वजह से RBI और बैंक नियमों को धीरे-धीरे सख्त कर रहे हैं, ताकि यह बिजनेस लंबे समय तक चलता रहे।

निष्कर्ष

बैंक क्रेडिट कार्ड के लिए इतना ज़ोर इसलिए देते हैं क्योंकि यह उनके लिए कमाई का एक स्थायी और भरोसेमंद ज़रिया है।

  • ब्याज
  • फीस
  • इंटरचेंज चार्ज
  • और बढ़ता खर्च

इन सबका फायदा सीधे बैंक को मिलता है। ग्राहक के लिए क्रेडिट कार्ड तभी फायदेमंद है। जब उसका इस्तेमाल
समझदारी से किया जाए।

वरना:

जहां बैंक की कमाई बढ़ती है, वहीं ग्राहक का बोझ भी बढ़ सकता है।

यह भी देखें: Multiple Credit Cards: 1 से ज़्यादा Credit Card रखना सही है या गलत? जाने

FAQs

1. बैंक क्रेडिट कार्ड के लिए बार-बार कॉल क्यों करते हैं?
क्योंकि क्रेडिट कार्ड से बैंक को ब्याज और अलग-अलग फीस के ज़रिये लगातार कमाई होती है।

2. क्या बैंक सिर्फ ब्याज से ही कमाते हैं?
नहीं, ब्याज के अलावा एनुअल फीस, लेट फीस, इंटरचेंज फीस और कैश एडवांस से भी कमाई होती है।

3. इंटरचेंज फीस क्या होती है?
जब आप कार्ड से खरीदारी करते हैं, तो बैंक दुकानदार से भी 1–3% तक कमीशन लेता है।

4. क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना महंगा क्यों पड़ता है?
क्योंकि उस पर तुरंत फीस लगती है और उसी दिन से ब्याज शुरू हो जाता है।

5. क्या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना गलत है?
नहीं, अगर पूरा बिल समय पर भरा जाए तो यह फायदेमंद है, वरना नुकसान कर सकता है।

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