High Interest Credit Cards
High Interest Credit Cards : कई लोगों को Credit Card तब तक अच्छा लगता है, जब तक bill time पर भरा जाता है। लेकिन जैसे ही एक-दो बार payment late हुई, या सिर्फ minimum amount भरा गया, तुरंत दिमाग में एक सवाल आता है।
“Credit Card का ब्याज इतना ज़्यादा क्यों है?”
30%… 35%…
कभी-कभी 40% तक!
लोग कहते हैं: “इतना ब्याज तो loan में भी नहीं लगता।” लेकिन Credit Card का ब्याज ज़्यादा होने के
कुछ ठोस कारण होते हैं, जिन्हें ज़्यादातर लोग समझते ही नहीं।
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है
Credit Card कोई normal loan नहीं है।
- यह Unsecured Credit है
- इसमें bank के पास आपकी कोई security नहीं होती
- कोई guarantee नहीं होती कि पैसा वापस आएगा
इसी वजह से bank इसमें ज़्यादा risk लेता है, और risk ज़्यादा होगा तो ब्याज भी ज़्यादा होगा।
1. Credit Card = Unsecured Loan
Home Loan में:
- घर गिरवी होता है
Car Loan में:
- गाड़ी गिरवी होती है
लेकिन Credit Card में:
- कुछ भी गिरवी नहीं होता
अगर ग्राहक पैसा न दे, तो bank के पास सीधे recovery के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। इस risk को cover करने के लिए bank ब्याज ज़्यादा रखता है।
2. Credit Card पर ब्याज रोज़ के हिसाब से जुड़ता है
यह सबसे बड़ा कारण है, जिसे लोग समझ नहीं पाते।
Credit Card में:
- ब्याज सालाना दिखता है
- लेकिन जुड़ता daily basis पर है
मतलब:
- हर दिन आपका बकाया amount
- थोड़ा-थोड़ा बढ़ता रहता है
इसलिए लगता है कि: “मैंने तो ज़्यादा खर्च नहीं किया, फिर bill इतना कैसे बढ़ गया?”
असल में: ब्याज चुपचाप रोज़ जुड़ता रहा होता है।
3. Interest-Free Period खत्म होते ही खेल बदल जाता है
Credit Card का सबसे बड़ा फायदा है, 30–45 दिन का interest-free time।
लेकिन:
- जिस महीने पूरा bill नहीं भरा
- उसी महीने यह सुविधा खत्म
अब:
- पुराने खर्च पर भी ब्याज
- नए खर्च पर भी ब्याज
यानि: आप एक ऐसे चक्र में फँस जाते हैं, जहाँ हर transaction महंगा हो जाता है।
4. Minimum Payment सिस्टम जानबूझकर बनाया गया है
Minimum payment कोई राहत नहीं है, यह एक strategy है।
Bank चाहता है:
- आप card इस्तेमाल करते रहें
- पूरा bill न भरें
- ब्याज चलता रहे
Minimum payment भरने से:
- Card active रहता है
- लेकिन पूरा बकाया amount खत्म नहीं होता
यहीं से ब्याज महीनों तक चलता रहता है और customer फँसता चला जाता है।
5. Credit Card की सुविधा भी ब्याज बढ़ाती है
Credit Card बहुत आसान बना दिया गया है:
- Swipe करो, काम हो गया
- Online payment
- EMI conversion
- Cash withdrawal
यह सुविधा जितनी आसान होती है, risk उतना ही ज़्यादा होता है। और risk ज़्यादा = interest ज़्यादा।
6. Cash Withdrawal पर ब्याज सबसे ज़्यादा होता है
बहुत लोग यह गलती करते हैं कि Credit Card से cash निकाल लेते हैं। यह सबसे महंगा option होता है।
Cash withdrawal पर:
- Interest-free period नहीं मिलता
- उसी दिन से ब्याज शुरू
- Extra cash withdrawal charges
- GST अलग से
यानी:
Credit Card से cash निकालना लगभग सबसे महंगा loan लेना है।
7. Late Fee और Charges ब्याज को और बढ़ा देते हैं
Credit Card में सिर्फ ब्याज ही नहीं होता:
- Late payment fee
- Over-limit charges
- GST on interest
- EMI processing charges
ये सब मिलकर effective cost को और बढ़ा देते हैं। इसलिए कई बार actual cost 40% से भी ऊपर चली जाती है।
8. Credit Card vs Personal Loan – ब्याज में फर्क क्यों?
यहाँ फर्क साफ़ समझिए:
- Personal Loan → fixed tenure, fixed EMI
- Credit Card → flexible, revolving credit
Credit Card में:
- आप बार-बार खर्च कर सकते हैं
- Repayment clear नहीं होता
इस uncertainty की वजह से Credit Card का ब्याज Personal Loan से कहीं ज़्यादा होता है।
9. Bank आपको ब्याज पहले से बता देता है
एक बात साफ़ है—
Bank ब्याज छुपाता नहीं है।
- Card agreement में लिखा होता है
- App और website पर mention होता है
- Statement में दिखता है
लेकिन:
- लोग पढ़ते नहीं
- और जब bill बढ़ता है, तब कहते हैं “इतना ज़्यादा क्यों?”
असल में:
जानकारी थी, ध्यान नहीं दिया गया।
10. ब्याज से बचा जा सकता है या नहीं?
हाँ, बिल्कुल।
Credit Card पर ब्याज तभी लगता है, जब:
- आप पूरा bill नहीं भरते
- payment late होती है
- cash withdrawal करते हैं
अगर आप:
- हर महीने पूरा bill भरते हैं
- cash withdrawal से बचते हैं
- limit के अंदर खर्च करते हैं
तो:
- ब्याज = ₹0
यह भी देखें: Credit Card Bill : एक गलती, भारी नुकसान। Credit Card Bill नहीं भरा तो क्या होगा, जाने
Credit Card का ब्याज कम रखने के आसान तरीके
- Total Amount Due हमेशा time पर भरें
- Minimum payment को option न मानें
- Cash withdrawal कभी न करें
- EMI सोच-समझकर लें
- Limit का 30% से ज़्यादा खर्च न करें
Conclusion
Credit Card का ब्याज ज़्यादा इसलिए नहीं है क्योंकि bank लालची है।
यह ज़्यादा है क्योंकि:
- Risk ज़्यादा है
- सुविधा ज़्यादा है
- और repayment uncertain है
Credit Card को अगर short-term सुविधा की तरह इस्तेमाल किया जाए, तो यह सस्ता पड़ता है।लेकिन अगर इसे loan समझ लिया, तो यही सबसे महंगा कर्ज़ बन जाता है। Credit Card चलाइए, लेकिन उसे अपने ऊपर हावी मत होने दीजिए।
FAQs
1. Credit Card का ब्याज कितना होता है?
अक्सर 30%–40% सालाना तक।
2. ब्याज कब से लगना शुरू होता है?
जैसे ही पूरा bill time पर नहीं भरा जाता।
3. Minimum payment करने पर भी ब्याज लगता है?
हाँ, पूरे बकाया amount पर।
4. Cash withdrawal पर ब्याज क्यों ज़्यादा होता है?
क्योंकि इसमें risk और misuse की संभावना ज़्यादा होती है।
5. Credit Card पर ब्याज daily जुड़ता है?
हाँ, daily basis पर।
6. EMI लेने से ब्याज कम हो जाता है?
नहीं, total cost ज़्यादा हो सकती है।
7. Interest-free period कितने दिन का होता है?
आमतौर पर 30–45 दिन।
8. Credit Card ब्याज से पूरी तरह बचा जा सकता है?
हाँ, पूरा bill time पर भरकर।
9. Personal Loan सस्ता क्यों होता है?
क्योंकि उसमें tenure और EMI fix होती है।
10. सबसे महंगी Credit Card गलती कौन-सी है?
Cash withdrawal और minimum payment।